गोवर्द्धन पर इस मुख्यमंत्री को पड़े कोड़े

दुर्ग। देश भर में रविवार को गोवर्धन पूजा का त्योहार धूमधाम से मनाया जा रहा है। सभी प्रदेशों में अलग-अलग रिवाज के साथ इसे मनाया जाता है। जैसे छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री लोगों की खुशहाली के लिए प्रत्येक साल गोवर्धन पूजा के मौके पर कोड़े की पिटाई सहते हैं। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को उनके गृह जिले दुर्ग में गोवर्धन पूजा के दिन एक सख्स ने कोड़े मारे। पूजा में शामिल होने गए सीएम पर शख्स ने कोड़े से प्रहार किया।

This Chief Minister got a whip on Govardhan

Durg. The festival of Govardhan Puja is being celebrated with great pomp on Sunday across the country. It is celebrated in different regions with different customs. For example, in Chhattisgarh, the Chief Minister bears whipping every year on the occasion of Govardhan Puja for the well being of the people. Chhattisgarh Chief Minister Bhupesh Baghel was lashed by a Sikh on the day of Govardhan Puja in his home district Durg. The man attacked the CM with a whip on the CM who had joined Pooja.

हर साल की तरह तरह इस बार भी दीपवाली के बाद गोवर्धन पूजा के लिए सीएम भूपेश बघेल रविवार को दुर्ग जिले के ग्राम जजंगिरी पहुंचे। यहां पहुंचकर सबकी मंगलकामना के लिए सांटा का प्रहार झेलने की परंपरा निभाई।

हर बार गांव के बुजुर्ग भरोसा ठाकुर यह प्रहार करते थे, उनके निधन के कारण इस साल यह परंपरा उनके बेटे बीरेंद्र ठाकुर ने निभाई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुंदर परंपरा सबकी खुशहाली के लिए मनाई जाती है। हर बार गांव के बुजुर्ग भरोसा ठाकुर यह प्रहार करते थे, उनके निधन के कारण इस साल यह परंपरा उनके बेटे बीरेंद्र ठाकुर ने निभाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुंदर परंपरा सबकी खुशहाली के लिए मनाई जाती है।

सीएम ने कहा कि इस बात का दुख है कि इस बार भरोसा ठाकुर हमारे बीच नहीं हैं। खुशी इस बात की है कि उनके सुपुत्र बीरेंद्र, उनका परिवार और जजंगिरी के ग्रामीण इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।

सीएम ने कहा कि इस बात का दुख है कि इस बार भरोसा ठाकुर हमारे बीच नहीं हैं। खुशी इस बात की है कि उनके सुपुत्र बीरेंद्र, उनका परिवार और जजंगिरी के ग्रामीण इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार दीवाली कोरोना काल में आई है। हमेशा मास्क पहने रहे, हाथ साबुन से धोएं तथा फिजिकल दूरी का पालन करें।

मुख्यमंत्री भूपेश ने इस अवसर पर कुम्हारी में गौरा गौरी की पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि की कामना की।

उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, हमेशा की तरह इस बार भी आज दुर्ग जिले के ग्राम जजंगिरी, कुम्हारी पहुंचकर सबकी मंगलकामना के लिए सांटा का प्रहार झेलने की परंपरा निभाई। यह सुंदर परंपरा सबकी खुशहाली के लिए मनाई जाती है।

बता दें, दीपावली के दूसरे दिन अन्नकूट और गोवर्धन पूजा

मूलतः यह प्रकृति की पूजा है, जिसका आरम्भ श्रीकृष्ण ने किया था। इस दिन प्रकृति के आधार के रूप में गोवर्धन पर्वत की पूजा की जाती है और समाज के आधार के रूप में गाय की पूजा की जाती है।

यह पूजा ब्रज से आरम्भ हुई थी और धीरे-धीरे पूरे भारत वर्ष में प्रचलित हुई। इस बार अन्नकूट और गोवर्धन पूजा का पर्व 15 नवंबर यानी रविवार को मनाया जा रहा है।

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