भारत में शानदार अवसर हैं, हमें अमरीकी पार्टनरशिप का इंतजार हैः मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया आइडियाज सम्मेलन को संबोधित किया है। उन्होंने कहा है कि भारत दुनिया भर के लिए अवसरों की भूमि बनकर उभरा है। हाल के समय में ग्लोबल इकॉनमी दक्षता और परिस्थितियों को अनुकूल बनान के लिए काम करती रही है। लेकिन इस सबके बीच हम सबसे बड़ी बात भूल गए। वह ये कि बाहरी झटकों के खिलाफ दोबारा कैसे खड़ा हुआ जाए। भारत ने आत्मनिर्भर भारत की शुरुआत कर एक समृद्ध दुनिया और मजबूत देश की तरफ कदम बढ़ाए हैं। और इसके लिए हम आपकी पार्टनरशिप का इंतजार कर रहे हैं।

There are great opportunities in India, we are waiting for American partnership: Modi

पीएम मोदी ने कहा कि भारत को लेकर दुनिया भर में सकारात्मक माहौल दिख रहा है। ऐसा इस वजह से हो रहा है क्योंकि भारत खुलेपन, अवसर और तकनीक का एक बेहतरीन मिश्रण दुनिया को दे रहा है। भारत लोगों और गवर्नेंस में खुलेपन को बढ़ावा देता है। भारत ने कृषि क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार किए हैं। इस क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं हैं। जैसे मशीनरी और सप्लाई चेन मैनेजमेंट, रेडी टू ईट, मछली पालन और ऑर्गेनिक फार्मिंग में निवेश किया जा सकता है।

पीएम मोदी ने कहा जब खुला बाजार होता है, तो अवसर भी बहुत ज्यादा होते हैं। भारत बिजेनस रेटिंग्स में बेतरह कर रहा है। विशेष तौर पर ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की रेटिंग्स में। उन्होंने ऊर्जा के क्षेत्र में भी निवेश करने का आह्वान किया।

इससे पहले इंडिया आयडियाज सम्मेलन में अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा है कि गलवान घाटी में 20 भारतीय सैनिकों की शहादत पर उन्हें गहरा दुख है।

पोम्पियो ने कहा कि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी एक खतरा है।

उन्होंने कहा कि अमेरिका चीन पर अपनी निर्भरता कम करेगा, विशेष तौर पर दवाओं के क्षेत्र में। भारत के पास मौका है कि वह चीन से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को अपने यहां आकर्षित करे और चीनी कंपनियों पर अपनी निर्भरता को कम करे। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने भारत की सुरक्षा के मसले पर हमेशा समर्थन दिया है।

ग्लोबल रणनीतिक साझीदारी

भारत में अमेरिका के राजदूत केनेथ जस्टर ने कहा है कि दोनों देशों ने रणनीतिक साझीदारी को ग्लोबल रणनीतिक साझीदारी में बदला है। उन्होंने पीएम मोदी की बात का हवाला देते हुए कि ये साझीदारी 21वीं सदी के सबसे मजबूत संबंधों में है।

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी खतरा

इस सम्मेलन में अमेरिकी सीनेटर मार्क वार्नर ने कहा है कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी एक खतरा है। हम इस खतरे को 5जी के क्षेत्र में देख रहे हैं। चीन के इस खतरे में भारत और अमेरिका के लिए एक अवसर भी छुपा हुआ है।

उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय छात्र दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करते हैं। और हमें डिफेंस के क्षेत्र में अपनी सहयोग और भी ज्यादा बढ़ाना होगा।

बड़े एजेंडे तय करने की क्षमता

इंडिया आयडियाज सम्मेलन में भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी भारत-अमेरिकी संबंधों पर विचार रखे।

उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका मिलकर दुनिया को आकार देने के लिए साथ काम कर सकते हैं। दोनों ही देशों में बड़े एजेंडे तय करने की क्षमता है।

साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका को ज्यादा बहुधु्रवीय दुनिया में काम करना सीखना होगा। हमें उन गठबंधनों से आगे जाना होगा जो आजतक चलते आ रहे हैं।

 

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