युवाओं की पंचायतः अपनी जान दे देंगे लेकिन अपने गांव को फरीदाबाद नगर निगम में नहीं जाने देंगे

फरीदाबाद। फरीदाबाद के 26 गांवों को नगर निगम में शामिल करने के विरोध में गांव चंदावली की पंचायत वाटिका में सभी गांवों के युवाओं ने युवा महापंचायत का आयोजन किया। इस महापंचायत में सैकड़ों युवाओं ने गर्मजोशी के साथ बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपने विकासशील गांवों को नर्क बनने से रोकने की मुहिम शुरू की।

Panchayats of youth will give their lives but will not let their village go to Faridabad Municipal Corporation

Faridabad. Youths of all villages organized Yuva Mahapanchayat in village Chandavali’s Panchayat Vatika to protest the inclusion of 26 villages of Faridabad in the Municipal Corporation. Hundreds of youth participated enthusiastically in this Mahapanchayat and started a campaign to stop their developing villages from becoming hell.

युवा महापंचायत में युवाओं की भारी भीड़ को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल भी मौके पर पहुंचा।

महापंचायत में पहुंचे सभी युवाओं ने नगर निगम और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नगर निगम मुर्दाबाद, नगर निगम की तानाशाही नहीं चलेगी, हरियाणा सरकार होश में आओ के विरोध स्वरूप नारे लगाए।

इसके बाद 26 गांव के युवाओं ने शपथ ली कि नगर निगम द्वारा जो हमारे 26 गांवों को नगर निगम में शामिल करने का जो आदेश पारित किया है, वह बिल्कुल तानाशाही और दुर्भाग्यपूर्ण है। अगर इस फैसले को वापस नहीं लिया गया, तो हम सभी युवा चाहे हमारी जान चली जाए, लेकिन हम अपने गांव को नगर निगम में नहीं जाने देंगे।

गांव जाजरू से युवा महापंचायत में पहुंचे युवा समाजसेवी अजय डागर ने कहा कि पहले नगर निगम अपने 40 वार्डों को स्वच्छ सुंदर और सुविधाओं से युक्त करें, फिर हमारे गांव की तरफ देखें। अगर हमारे गांव को नगर निगम में शामिल किया गया, तो युवा सरकार और प्रशासन से ईंट से ईंट बजा देगा।

युवा महापंचायत के आयोजक जसवंत पवार ने कहा कि 26 गांव के युवा अपने अपने गांव मंे नगर निगम और हरियाणा सरकार के इस तानाशाही फैसले के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान चलाएंगे।

उन्होंने कहा कि डेढ़ लाख हस्ताक्षर कराकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल, केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर, कैबिनेट मंत्री मूलचंद शर्मा। और फरीदाबाद के डीसी, नगर निगम कमिश्नर को दिए जाएंगे। अगर फिर भीयह फैसला वापस नहीं लिया गया, तो हम आंदोलन करेंगे और इस मुद्दे को कोर्ट भी लेकर जाएंगे।

विक्रांत गौड़, धीरज यादव, सुंदर, जीतू, सभी युवा साथियों ने एक स्वर में कहा कि हम नगर निगम में हमारे गांव को शामिल करने के इस फैसले को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेंगे। सरकार और प्रशासन ने जो फैसला लिया है बिल्कुल गलत है ।

इस मौके पर अजय डागर, यशपाल यादव, धीरज यादव, देवेंद्र पवार, महिपाल आर्य, सुंदर कपासिया, राजकुमार सैनी, जीतू, जोगिंदर पहलवान, गोपाल, अजीत, भगत, विक्रांत गौड़, संजीव, अरुण कौशिक, दीपक रावत, राधे पंडित, निशांत, मनोज,  सुंदर लंबा, सुरेंद्र कीना, प्रेम सैनी, सतीश, राजेश, पवन आदि 26 गांव के युवा मौजूद रहे।

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