लाल किले से मोदी बोले हम कब तक कच्चा माल विदेश भेजते रहेंगे और फिनिस्ड प्रोडक्ट आयात करते रहेंगे

नई दिल्ली। कोरोना वायरस संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज लाल किले पर 74वें स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराया। उन्होंने इस प्रतिष्ठित स्मारक की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित किया। कोरोना संकट और देश की आर्थिक स्थिति के साथ साथ अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर अपनी बात रखी। पीएम मोदी ने चीन और पाकिस्तान का नाम लिए बिना पड़ोसी देशों को भी आगाह किया कि वो भारत को चुनौती न दें। उन्होंने कहा कि देश की संप्रभुता की रक्षा के लिए हमारे वीर जवान क्या कर सकते हैं, देश क्या कर सकता है, ये लद्दाख में दुनिया ने देखा है।

Modi said from Red Fort how long we will keep sending raw materials abroad and importing finished products

New Delhi. Amid the Corona virus crisis, Prime Minister Narendra Modi hoisted the tricolor on the 74th Independence Day at the Red Fort today. He addressed the nation from the ramparts of this iconic monument. Corona spoke on the crisis and the country’s economic situation as well as international relations. Without naming China and Pakistan, PM Modi warned the neighboring countries not to challenge India. He said that the world has seen what our brave soldiers can do to protect the sovereignty of the country, what the country can do.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज लाल किले की प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस के इस मौके पर लगातार 7वीं बार देश को संबोधित किया।

नरेंद्र मोदी ने कहा कि विस्तारवाद की सोच ने सिर्फ कुछ देशों को गुलाम बनाकर ही नहीं छोड़ा, बात वहीं पर खत्म नहीं हुई। भीषण युद्धों और भयानकता के बीच भी भारत ने आजादी की जंग में कमी और नमी नहीं आने दी।

पीएम मोदी ने सुरक्षा बिंदुओं के साथ आर्थिक संकल्पना भी प्रस्तुत की। मोदी ने कहा कि आखिर कब तक हमारे ही देश से गया कच्चा माल, फिनिस्ड प्रोडक्ट बनकर भारत में लौटता रहेगा।

पीएम मोदी ने कहा कि जब हमारी कृषि व्यवस्था बहुत पिछड़ी हुई थी। तब सबसे बड़ी चिंता थी कि देशवासियों का पेट कैसे भरे। आज जब हम सिर्फ भारत ही नहीं, दुनिया के कई देशों का पेट भर सकते हैं। आत्मनिर्भर भारत का मतलब सिर्फ आयात कम करना ही नहीं, हमारी क्षमता, हमारी क्रिएटिविटी, हमारी स्किल्स को बढ़ाना भी है।

मोदी ने कहा

  • प्रधानमंत्री ने प्रारंभ इस प्रकार किया- मेरे प्यारे देशवासियों, इस पावन पर्व पर, आप सभी को बधाई और बहुत-बहुत शुभकामनाएं।
  • हमारे देश का सामान्य नागरिक, चाहे शहर में रह रहा हो या गांव में, उसकी मेहनत, उसके परिश्रम का कोई मुकाबला नहीं है।
  • कोरोना महामारी के बीच, 130 करोड़ भारतीयों ने एक आत्म निर्भय भारत बनाने का संकल्प लिया है।
  • पीएम ने कहा कि अगले वर्ष हम अपनी आजादी के 75वें वर्ष में प्रवेश कर जाएंगे। एक बहुत बड़ा पर्व हमारे सामने है।
  • नरेंद्र मोदी ने प्राकृतिक आपदाओं का सामना कर रहे देश के कुछ हिस्सों के प्रति संवेदना जाहिर की और कहा कि जरूरत के इस समय में वह नागरिकों के साथ हैं।
  • पीएम नरेंद्र मोदी ने उन सभी भारतीयों के योगदान के लिए श्रद्धांजलि अर्पित किया, जिन्होंने हमारी स्वतंत्रता को जीता है, जो हमारी स्वतंत्रता की रक्षा करते हैं और हमें सुरक्षित रखते हैं।
  • कोरोना के इस असाधारण समय में, सेवा परमो धर्मः की भावना के साथ, अपने जीवन की परवाह किए बिना हमारे डॉक्टर्स, नर्से, पैरामेडिकल स्टाफ, एंबुलेंस कर्मी, सफाई कर्मचारी, पुलिसकर्मी, सेवाकर्मी, अनेको लोग, चौबीसों घंटे लगातार काम कर रहे हैं।
  • सिर्फ कुछ महीनों पहले तक ईएन-95 मास्क, पीपीईकिट, वेंटिलेटर ये सब हम विदेशों से मंगाते थे। आज इन सभी में भारत, न सिर्फ अपनी जरूरतें खुद पूरी कर रहा है, बल्कि दूसरे देशों की मदद के लिए भी आगे आया है।
  • कौन सोच सकता था कि कभी देश में गरीबों के जनधन खातों में हजारों-लाखों करोड़ रुपए सीधे ट्रांसफर हो पाएंगे?
  • कौन सोच सकता था कि किसानों की भलाई के लिए एपीएमसी एक्ट में इतने बड़े बदलाव हो जाएंगे।
  • वन नेशन- वन टैक्स इन्सॉल्वेंसी और बैंकरप्सी कोड बैंकों का मर्जर, आज देश की सच्चाई है। एफडीआई में अब तक के सारे रिकॉर्ड टूटे, हाल ही के समय में एफडीआई में 18 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।
  • पूरे देश को मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी से जोड़ने की एक बहुत बड़ी योजना तैयार की गई है।
  • हमारे यहां कहा गया है, सामर्थ्य्मूलं स्वातन्त्र्यं, श्रममूलं च वैभवं।। किसी समाज, किसी भी राष्ट्र की आजादी का स्रोत उसका सामर्थ्य होता है, और उसके वैभव का, उन्नति प्रगति का स्रोत उसकी श्रम शक्ति होती है। लोगों की श्रम शक्ति पर भरोसा करते हुए, गांवों को श्रमिकों को बढ़ाने के लिए हम वोकल फॉर लोकल की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
  • किसानों के लिए किसान उत्पादक संघ बनाने की कोशिश की है, वो अपने आप में इकोनॉमिक बूस्टर का काम करेगा।
  • इसी लाल किले से पिछले वर्ष मैंने जल जीवन मिशन का ऐलान किया था। आज इस मिशन के तहत अब हर रोज एक लाख से ज्यादा घरों को पानी के कनेक्शन से जोड़ने में सफलता मिल रही है।
  • आज भारत में महिलाएं अंडरग्राउंड कोयला खदानों में काम कर रही हैं, तो लड़ाकू विमानों से आसमान की बुलंदियों को भी छू रही हैं। देश के जो 40 करोड़ जनधन खाते खुले हैं, उसमें से लगभग 22 करोड़ खाते महिलाओं के ही हैं। कोरोना के समय में अप्रैल-मई-जून, इन तीन महीनों में महिलाओं के खातों में करीब-करीब 30 हजार करोड़ रुपए सीधे ट्रांसफर किए गए हैं।
  • हमारे देश में अलग-अलग जगहों पर विकास की तस्वीर अलग-अलग दिखती है। कुछ क्षेत्र बहुत आगे हैं, कुछ क्षेत्र बहुत पीछे। कुछ जिले बहुत आगे हैं, कुछ जिले बहुत पीछे। ये असंतुलित विकास आत्मनिर्भर भारत के सामने बहुत बड़ी चुनौती है।
  • ये एक साल जम्मू कश्मीर की एक नई विकास यात्रा का साल है। ये एक साल जम्मू कश्मीर में महिलाओं, दलितों को मिले अधिकारों का साल है। ये जम्मू कश्मीर में शरणार्थियों के गरिमापूर्ण जीवन का भी एक साल है।
  • लोकतंत्र की सच्ची ताकत स्थानीय इकाइयों में है। हम सभी के लिए गर्व की बात है कि जम्मू-कश्मीर में स्थानीय इकाइयों के जनप्रतिनिधि सक्रियता और संवेदनशीलता के साथ विकास के नए युग को आगे बढ़ा रहे हैं। बीते वर्ष लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाकर, वहां के लोगों की बरसों पुरानी मांग को पूरा किया गया है। हिमालय की ऊंचाइयों में बसा लद्दाख आज विकास की नई ऊंचाइयों को छूने के लिए आगे बढ़ रहा है।
  • जिस प्रकार से सिक्कम ने ऑर्गैनिक स्टेट के रूप में अपनी पहचान बनाई है, वैसे ही आने वाले दिनों में लद्दाख, अपनी पहचान एक कार्बन न्यूट्रल क्षेत्र के तौर पर बनाए, इस दिशा में भी तेजी से काम हो रहा है। देश के 100 चुने हुये शहरों में प्रदूषण कम करने के लिए एक हॉलिस्टिक एप्रोच के साथ एक विशेष अभियान पर भी काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि अपनी बायोडायवर्सिटी के संरक्षण और संवर्धन के लिए भारत पूरी तरह संवेदनशील है। बीते कुछ समय में देश में शेरों की, टाइगर की आबादी तेज गति से बढ़ी है! अब देश में हमारे एशियाटिक शेरों के लिए एक प्रोजेक्ट लॉयन की भी शुरुआत होने जा रही है।

लाल किले के आस-पास 4 हजार सुरक्षा कर्मी तैनात रहे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजघाट पहुंचे, जहां उन्हें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और रक्षा सचिव ने रिसीव किया। इसके बाद पीएम को सशस्त्र जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया।

प्रधानमंत्री ने ध्वजारोहण किया और इसके बाद सेना के बैंड ने राष्ट्रगान की धुन बजाई और 21 तोपों की सलामी दी गई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजघाट पहुंच कर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी।

सभी आगंतुकों से चेहरे को ढकने वाला मास्क पहनने का आग्रह किया गया था। कार्यक्रम स्थल पर अनेक जगहों पर बांटने के लिए बड़ी संख्या में मास्क तैयार किये गये थे।

 

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