ट्रेन में हुई मोहब्ब्त, अब लड़की ढंूढने को लगवाए 4000 पोस्टर

कोलकाता। प्यार एक ऐसा अहसास है, जो किसी को कहीं भी हो सकता है। कई बार हमें अचानक से एक ऐसा खूबसूरत चेहरा दिख जाता है, जिसके हम एकतरफा प्यार में पड़ जाते हैं। ऐसा ही कुछ हुआ था कोलकाता के एक युवक के साथ। इस युवक को लोकल ट्रेन में एक लड़की मिली थी, जिससे युवक को एकतरफा प्यार हो गया था।

Love in the train, now got 4000 posters to find the girl

Kolkata. Love is a feeling that anyone can have anywhere. Many times, we suddenly see such a beautiful face, in which we fall in love unilaterally. Something similar happened with a young man from Kolkata. This young man had found a girl in the local train, which made the boy fall in love unilaterally.

ट्रेन में तो युवक उस लड़की से अपने प्यार का इजहार नहीं कर पाया था। लेकिन सफर खत्म होने के बाद युवक उस लड़की के लिए बेचौन हो उठा था। इसके बाद युवक ने लड़की को ढूंढने के लिए अजीबो-गरीब तरकीब अपनाई थी। दरअसल, युवक ना तो उस लड़की को जानता था और ना ही उसका पता उसके पास था।

एक तरफा प्यार में पागल आशिक ने लड़की को ढूंढने के लिए गली, मोहल्ले, सड़कों पर हर जगह पोस्टर लगा दिए थे। पश्चिम बंगाल के बेहला में जोका के रहने वाले विश्वजीत पोद्दार राज्य पर्यावरण में नौकरी करते हैं। दो साल पहले एक लोकल ट्रेन से वह कहीं जा रहे थे। इस दौरान उन्हें ट्रेन में एक लड़की दिखाई दी थी। इस लड़की को देखते ही उन्हें प्यार हो गया था। लड़की का वह नाम-पता कुछ नहीं जानते थे, लिहाजा उन्होंने लड़की को ढूंढने के लिए शहरभर में 4000 पोस्टर लगा दिए थे।

हुगली जिले के कोन्ननगर और हावड़ा के बाली के बीच विश्वजीत ने इन पोस्टर्स को लगाया था। सिर्फ यही नहीं विश्वजीत ने एक सात मिनट का वीडियो फिल्म बनाकर यूट्यूब पर अपलोड भी कर दिया था। पोस्टर्स में विश्वजीत ने अपने मोबाइल नंबर के साथ फिल्म का यूट्यूब लिंक भी दिया था।

विश्वजीत का कहना है कि इस घटना के बाद से लोग उन्हें प्यार में पागल कहने लगे थे। उनका कहना है कि जो वो कर रहे थे, वह थोड़ा अजीब था। हालांकि प्यार के लिए उन्होंने यह सब किया था। उस लड़की को वह अपने दिमाग से निकाल नहीं पा रहेे थे। विश्वजीत ने बताया था कि  तारापीठ से कोन्ननगर जाने के लिए वह ट्रेन में बैठे थे। जैसे ही ट्रेन छूटने वाली थी, उससे ठीक पहले वह लड़की अपने माता-पिता के साथ बोगी में आई थी तथा उनके सामने वाली सीट पर बैठ गई थी।

विश्वजीत ने बताया कि उस दौरान मां-पिता के साथ होने की वजह से वह उसे किसी परेशानी में नहीं डालना चाहते थे, ना ही वह उसे बदनाम करना चाहते थे। इसके बाद उन्होंने जो कुछ किया था वह सब इसलिए किया था, ताकि उसे पता लग सके कि वह उसे खोज रहे हैं और अगर वह चाहे तो उनसे कॉन्टेक्ट करे।

विश्वजीत ने बताया कि वह अपने मां-बाप के साथ बैठी थी। जब हमारी नजरें मिली थीं तो वह बात करना चाहती थी। हालांकि मां-पिता साथ में होने के कारण वह बात नहीं कर पाई थी, उसने अपना नंबर भी बताने की कोशिश की थी लेकिन मैं समझ नहीं पाया था। यूट्वयूब पर अपलोड की गई विश्वजीत की 6 मिनट 23 सेकंड की फिल्म में उन्होंने लड़की के किरदार में अपनी एक फ्रेंड को लिया था।

इस वीडियो फिल्म के अंत में विश्वजीत स्टेशन पर उसका इंतजार करते हुए दिखते हैं और लड़की से कहते हैं कि अगर वह इस फिल्म को देखे तो उन्हें कॉन्टेक्ट करे। उन्होंने इस फिल्म का नाम कोन्ननगर कोने यानी कोन्नगर की दुल्हन रखा था।

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