फरीदाबादः केदार अस्पताल के डॉ. हरबीर भाटी पर 60 लाख की धोखाधड़ी का केस दर्ज

फरीदाबाद। फ्रूट गार्डन निवासी नितिन सिंह तोमर ने आरोप लगाया है कि एनआईटी 3 स्थित केदार अस्पताल के डॉ. हरबीर भाटी ने उनके साथ धोखाखड़ी की है और लगभग 60 लाख रुपए हड़प लिए हैं। पुलिस ने केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।

Faridabad: Case of cheating of 60 lakhs filed on Dr. Harbir Bhati of Kedar Hospital

Faridabad. Nitin Singh Tomar, a resident of Fruit Garden, has alleged that Dr. Harbir Bhati of Kedar Hospital, NIT 3 has cheated on him and has grabbed about 60 lakh rupees. The police have registered a case and started investigation.

डॉ. नितिन सिंह तोमर ने पुलिस में शिकायत की है कि उन्होंने जनवरी, 2012 में अपेक्स अस्पताल में मेडिकल स्टोर का काम शुरू किया था।

नितिन तोमर ने पुलिस को बतायाः

अपेक्स अस्पताल में डॉ. हरबीर भाटी ने कुछ समय काम किया था। उनका उसके प्रति व्यवहार बहुत अच्छा था।

आरोपी हरबीर भाटी ने मीठी बातों में फंसा कर उसे और परिवार के लोगों को राजी कर लिया। उसने मुनाफे को आधा-आधा बांटने का वायदा किया था।

अप्रेल, 2016 में हमने एनआईटी 3बी में संजय गांधी और नेहा गांधी से एक भवन के चार फ्लोर 8 साल के लिए किराए पर लिए।

आरोपी डॉ. हरबीर भाटी के पास मूलधन नहीं था। इसलिए उन्होंने अस्पताल के सेटअप के लिए 5 लाख रुपए की सिक्योरिटी राशि दी।

डॉ. हरबीर भाटी को 21 लाख रुपए नकद दिए।

अस्पताल का नाम केदार हॉस्पिटल रखा गया।

उसने अपने मित्रों और रिश्तेदारों से 10 लाख रुपए लिए और 10 लाख 50 हजार अपेक्स अस्पताल से मिले। सारा पैरा केदार अस्पताल में लगा दिए।

इसके अलावा 16 लाख 59 हजार 800 रुपए अस्पताल में और लगाए।

वायदे के अनुसार अस्पताल से जो लाभ मिला, उसे भी अस्पताल में लगाते रहे।

इस तरह उसने अस्पताल में लगभग 60 लाख रुपए खर्च किए।

बाद में आरोपी आय के बारे में पूछने पर घाटे की बात कहकर चुप करवा देता था।

इस तरह आरोपी ने धोखाधड़ी करके सारे पैसे अस्पताल में लगवा लिए।

इसके बाद आरोपी ने कई दस्तावेजों का फर्जीवाड़ा करके माई फार्मा नाम की दवाई की दुकान खोलने का लाईसेंस ले लिया।

ड्रग्स कंट्रोल ऑफिस में शिकायत की, तो वे दवाई की दुकान के लाईसेंस को रद्द करने की कार्यवाही कर रहे हैं।

14 जनवरी, 2010 को जब उसने अस्पताल का लाभ जानने और कुछ दस्तावेज दिखाने की बात की, तो उसने कोई भी दस्तावेज दिखाने से साफ मना कर दिया।

उन्हें जान से मारने की धमकी देते हुए कहा कि उसे वह कोई पैसा नहीं देगा। अगर कोई कानूनी कार्यवाही की, तो उसे और उसके परिवार को जान से मरवा देगा।

वह उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकता। उसकी जान-पहचान पुलिस और गुंडा किस्म के लोगों से है।

इस बारे में डॉ. हरबीर भाटी का कहना है कि यह सब झूठी कहानी है। उन्होंने 34 लाख रुपए के चैक बाउंस का केस अदालत में डाला हुआ है। मेडिकल स्टोर पर उसका कब्जा है और चाबी उसी के पास है।

 

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