फर्जी हरियाणा ओपन स्कूल का पर्दाफाश, 5000 में फेल बच्चों को करता था पास

 

 

भिवानी। नेशनल ओपन स्कूल व हरियाणा ओपन स्कूल की तर्ज पर एक और नए फर्जी हरियाणा ओपन स्कूल का राजफाश हुआ है। दसवीं व बारहवीं कक्षा में फेल होने वाले छात्रों को उक्त ओपन स्कूल के सर्टिफिकेट 5-5 हजार रुपये में बेचता है।

Fake Haryana Open School busted, used to pass children at cost of 5000

इस संस्था की तरफ से हरियाणा मुक्त विद्यालय के सर्टिफिकेट से मिलता-जुलता प्रमाण पत्र तैयार किया गया है।

सब कुल फर्जी

इस प्रमाण पत्र पर छात्र की फोटो, प्राप्तांक, एनरोलमेंट नंबर, अनुक्रमांक, केंद्र, विद्यालय कोड व प्रमाण पत्र क्रमांक दर्शाया गया है।

जांच हुई

इन सर्टिफिकेट को 11 जुलाई को शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. जगबीर सिंह को मुहैया करवाया गया, तो उन्होंने इसकी जांच करवाई।

जांच में स्पष्ट कर दिया गया है कि इन सर्टिफिकेट से हरियाणा शिक्षा बोर्ड का कोई लेना-देना नहीं है।

इसके बाद बोर्ड चेयरमैन ने भारतीय विद्यालय शिक्षा बोर्ड (कोबसे) के अधिकारियों को जांच के लिए यह सर्टिफिकेट भेज दिया।

कोई मान्यता नहीं

कोबसे की ओर से 13 जुलाई को रिपोर्ट मिल गई है। इस रिपोर्ट में कोबसे के महासचिव एमसी शर्मा ने जवाब दिया है कि रिकार्ड की जांच कर ली गई है।

कोबसे के सदस्य शिक्षा बोर्ड की सूची में उक्त संस्था शामिल नहीं है।

जाहिर है कि उक्त सर्टिफिकेट बनाने वाली संस्था को हरियाणा या देश भर की सर्वोच्च संस्था कोबसे से कोई मान्यता नहीं दी गई है।

क्या है कोबसे

भारतीय विद्यालय शिक्षा बोर्ड मंडल देशभर के सभी राज्यों के शिक्षा बोर्ड का प्रतिनिधित्व करता है।

इसी बोर्ड के अधीन सभी शिक्षा बोर्ड कार्य करते हैं।

ऐसे में प्रदेश या देश भर में कहीं भी परीक्षा लेने का कार्य कोबसे के अधीन बोर्ड की करते हैं।

संस्था का कोई लेना-देना नहीं

हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. जगबीर सिंह ने कहा कि संबंधित सर्टिफिकेट की जांच करवाई जा चुकी है।

कोबसे की सूची में उक्त संस्था का नाम शामिल नहीं है और न ही हरियाणा मुक्त विद्यालय से इस संस्था का कोई लेना देना है।

ऐसे में बोर्ड प्रशासन संबंधित संस्था के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए अधिवक्ता से रायशुमारी कर रहा है।

 

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