हरियाणा में एक और पूर्व विधायक ने भाजपा से दिया इस्तीफा

जींद। हरियाणा में असंतोष की सुगबुगाहट तीव्र होकर सतह पर आने लगी है। या तो नेताओं का भाजपा से मोहभंग हो रहा है या फिर भाजपा में अपने एजेंडे और उद्देश्यों की दाल गलती न देखकर पार्टी को अलविदा कह रहे हैं। यमुनानगर के रादौर से पूर्व विधायक श्याम सिंह राणा के बाद अब पूर्व विधायक परमिंद्र ढुल ने भी भाजपा को बाय-बाय कर दिया है।

Another former MLA resigns from BJP in Haryana

Jind. The hallucination of discontent in Haryana has started intensifying. Either the leaders are disenchanted with the BJP or they are saying goodbye to the party, not seeing the mistakes of their agenda and objectives in the BJP. After former MLA Shyam Singh Rana from Radaur, Yamunanagar, now former MLA Parmindra Dhul has also by-byed BJP.

राणा की तरह ढुल ने भी किसानों के तीन कृषि बिलों के खिलाफ दिया इस्तीफा है।

ढुल ने केंद्र सरकार के तीनों कृषि कानूनों को काला कानून बताया है और किसानों को पूंजीपतियों के हाथ में सौंपने की तैयारी का आरोप लगाया है।

ढुल बोले कि आज दीनबंधु सर छोटू राम की आत्मा भी दुखी होगी, क्योंकि आज किसान पुत्र रो रहा है। भाजपा में घुटन महसूस कर रहा हूं। इसलिए पार्टी छोड़ रहा हूं।

उन्होंने सभी पार्टियों में शामिल किसान पुत्रों को किसान के हित में आने का आह्वान करते हुए कहा कि पार्टियों को छोड़कर आज किसान के साथ खड़े होने का वक्त है। अब आगामी लड़ाई किसानों के साथ मिलकर लड़ेंगे।

किसी अन्य पार्टी में जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि आज मैं किसान के साथ खड़ा हूं। अभी कहीं जाने का फैसला नहीं किया है।

ढुल ने कहा कि भाजपा ने किसानों के मुद्दे पर जुमलों पर बात की है। भाजपा को चौथा कानून लाना चाहिए था, जिसमंे एमएसपी का कानून शामिल होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने पिछले समय मे खूब विदेश यात्राएं की हैं। ये यात्राएं केवल किसान को पूंजीपतियों के हाथ मे सौंपने के लिए की हैं। उन्होंने विदेशों में देखा कि किसान को कैसे पूंजीपतियों के हाथ मंे सौंपा जाए।

उन्होंने कहा कि भाजपा के नेताओं को ओपन प्लेटफार्म पर आकर इन कानूनों पर बहस करनी चाहिए। वे अगला फैसला जल्द ही लेंगे।

 

 

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