कांग्रेसी नेता कपिल सिब्बल को अधीर रंजन की खरी-खोटी, बोले दूसरी पार्टी में चले जाओ या नई पार्टी बना लो

कोलकाता। लोकसभा में नेता विपक्ष और पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने बिहार चुनाव में हार को लेकर आत्मविश्लेषण संबंधी टिप्पणी के लिए कपिल सिब्बल की आलोचना की है। साथ ही उन्होंने कहा कि पार्टी के कामकाज से जो लोग नाखुश हैं, वह सार्वजनिक तौर पर बयानबाजी करने की बजाय कहीं भी जाने को स्वतंत्र हैं।

Adhir Ranjan rocks on Congress leader Kapil Sibal, say go to another party or make a new party

Kolkata. Leader of Opposition in Lok Sabha and President of West Bengal Pradesh Congress Adhir Ranjan Chaudhary has criticized Kapil Sibal for his introspective remarks about the defeat in Bihar elections. He also said that those who are unhappy with the functioning of the party, they are free to go anywhere instead of making rhetoric in public.

चौधरी ने बुधवार को ‘एसी कमरे से उपदेश’ देने के लिए कपिल सिब्बल पर कटाक्ष किया।

उन्होंने कहा कि नाराज सदस्य चाहें, तो दूसरी पार्टी में शामिल हो सकते हैं या अपनी अलग पार्टी बना सकते हैं।

लोकसभा में कांग्रेस के नेता चौधरी ने सवाल किया कि बिहार चुनाव के दौरान कांग्रेस के लिए सिब्बल ने प्रचार क्यों नहीं किया।

उन्होंने कहा, ‘बिना कुछ किये बोलते रहना आत्मविश्लेषण नहीं है।’ पश्चिम बंगाल के कांग्रेस अध्यक्ष चौधरी ने कहा, ‘सावर्जनिक तौर पर पार्टी की फजीहत कराने की बजाय सिब्बल पार्टी के भीतर मुद्दा उठा सकते थे। वह वरिष्ठ नेता हैं और पार्टी के शीर्ष नेताओं तक उनकी पहुंच है।’

अधीर रंजन चौधरी ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘पार्टी के कामकाज से जो लोग खुश नहीं हैं और अगर उन्हें लगता है कि कांग्रेस उनके लिए उपयुक्त स्थान नहीं है, तो वो अपनी नयी पार्टी बना सकते हैं या अपनी मर्जी से किसी भी पार्टी में शामिल हो सकते हैं।’

कपिल सिब्बल ने बिहार चुनाव में पार्टी के कमजोर प्रदर्शन के लिए कांग्रेस के नेतृत्व की आलोचना की थी।

कांग्रेस बिहार में 70 सीटों पर चुनाव लड़ी, लेकिन उसके 19 उम्मीदवार ही जीत पाये। पिछले दिनों सिब्बल समेत कांग्रेस के 23 वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी प्रमुख सोनिया गांधी को पत्र लिखकर पार्टी को मजबूत करने के संबंध में सुझाव दिये थे।

अधीर रंजन ने कहा, ‘वह (सिब्बल) कांग्रेस और आत्मविश्लेषण की जरूरत को लेकर बहुत चिंतित प्रतीत होते हैं। इससे पहले भी उन्होंने सार्वजनिक तौर पर बयान दिये थे। लेकिन, वह बिहार में और पिछले साल अन्य राज्यों में चुनाव के दौरान पार्टी के लिए प्रचार करते नहीं नजर आये।’

चौधरी ने कहा, ‘एसी कमरे में बैठकर उपदेश देने की बजाय उन्हें जमीन पर काम करना चाहिए। बिना कुछ किये दूसरों को नसीहत देने से कुछ भला नहीं होता। बिना कुछ किये आत्मनिरीक्षण के लिए बोलने का कोई मतलब नहीं है।’

इससे पहले राजस्थान के मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने सिब्बल की आलोचना की थी।

Related posts

Leave a Comment